MP Weather Update: मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण अगले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में तेज से बहुत तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट सहित 11 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
वहीं भोपाल संभाग और उससे सटे इलाकों में भी मध्यम से तेज वर्षा होने की संभावना बनी हुई है। लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
चित्रकूट में बिगड़ते हालात, मंदाकिनी नदी उफान पर
सतना जिले के चित्रकूट क्षेत्र में बारिश के बाद स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार नदी का जलस्तर करीब 30 फीट तक पहुंच गया।
गोरगी बांध के क्षतिग्रस्त होने के बाद कई निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति सामने आई है। तेज बहाव के चलते रामघाट क्षेत्र के एक बड़े पुल को भी नुकसान पहुंचने की खबर है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र के स्कूलों में दो दिनों का अवकाश घोषित किया है।
बताया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और राहत शिविरों में पहुंचकर प्रभावित लोगों से मुलाकात की।
बाणसागर बांध के 6 गेट खोले गए
शहडोल जिले में स्थित बाणसागर बांध में पानी की आवक अचानक बढ़ने के बाद प्रशासन को एहतियाती कदम उठाने पड़े। जानकारी के अनुसार महज 12 घंटे के भीतर बांध में पानी की आवक लगभग 808.64 घन मीटर प्रति सेकंड से बढ़कर 2677.29 घन मीटर प्रति सेकंड तक पहुंच गई।
जलस्तर और आवक बढ़ने के बाद रविवार को बांध के 6 गेट खोल दिए गए। इसके बाद निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने नदी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
भोपाल का बड़ा तालाब भराव क्षमता के करीब
राजधानी भोपाल में लगातार बारिश के कारण बड़ा तालाब भी लगभग अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुंच गया है। तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट दर्ज किया गया, जो फुल टैंक लेवल से लगभग 0.30 फीट नीचे बताया जा रहा है।
यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो भदभदा बांध के गेट खोले जा सकते हैं। ऐसे में कलियासोत नदी के आसपास के क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की संभावना रहेगी।
सितंबर की शुरुआत भी हो सकती है बारिश वाली
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक सितंबर के शुरुआती दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। शुरुआती तीन दिनों के दौरान सीधी, उमरिया, मंडला, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
कुछ इलाकों में 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान भी व्यक्त किया गया है।
सामान्य से अब भी कम है प्रदेश की बारिश
बारिश के मौजूदा दौर के बावजूद मध्य प्रदेश में अब तक दर्ज वर्षा सामान्य औसत से कम बताई जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में करीब 700 मिमी यानी 27.2 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत लगभग 30.4 इंच है।
इस हिसाब से प्रदेश में वर्षा सामान्य से करीब 9 प्रतिशत कम बनी हुई है। हालांकि आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन और लोगों की चिंता बढ़ गई है।
⚠️ लोगों से अपील
प्रशासन ने नागरिकों से नदी-नालों, पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
— Rewa Times Now
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