सतना जिले की धार्मिक नगरी में बाढ़ से हाहाकार, कई इलाकों का संपर्क टूटा
चित्रकूट/सतना। मध्यप्रदेश के सतना जिले स्थित प्रसिद्ध धार्मिक नगरी चित्रकूट इस समय भीषण बाढ़ की चपेट में है। लगातार तेज बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है और नदी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि शहर के अनेक हिस्सों में पानी भर गया है और कई मकान पहली मंजिल तक जलमग्न हो गए हैं।
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। कई लोग अपने घरों और भवनों की छतों पर फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए SDRF की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
लगातार बारिश ने बिगाड़े हालात
चित्रकूट क्षेत्र में करीब 20 घंटों से जारी तेज बारिश के कारण स्थिति तेजी से खराब हुई। गोरगी बांध से जुड़े घटनाक्रम के बाद मंदाकिनी नदी में पानी का दबाव बढ़ गया और देखते ही देखते कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए।
धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रामघाट और भारतघाट पानी में डूब गए हैं। बाजार क्षेत्र भी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ है और 200 से ज्यादा दुकानों में पानी भरने की सूचना है।
कई सड़कें पूरी तरह जलमग्न होने के कारण सामान्य यातायात ठप हो गया है। जिन रास्तों पर पहले वाहन चलते थे, वहां अब लोगों को नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
तेज बहाव में पुल ढहा, संपर्क व्यवस्था प्रभावित
बाढ़ के प्रचंड प्रवाह ने चित्रकूट की संपर्क व्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। चित्रकूट और नयागांव के बीच आवागमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला करीब 25 फीट ऊंचा पुल तेज पानी के दबाव को नहीं झेल सका और क्षतिग्रस्त होकर बह गया।
रामघाट क्षेत्र में बने पुल को भी बाढ़ के कारण नुकसान पहुंचने की खबर है। पुलों और सड़कों के प्रभावित होने से कई क्षेत्रों का संपर्क बाधित हो गया है।
मकानों में घुसा पानी, छतों पर पहुंचने को मजबूर हुए लोग
बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर चुका है। कई घरों में पानी भरने के बाद परिवारों को ऊपरी मंजिलों और छतों पर शरण लेनी पड़ी है। कुछ इलाकों में पानी का स्तर इतना बढ़ गया कि मकानों की पहली मंजिल तक जलभराव हो गया।
मुख्य मार्गों पर लगभग 5 से 6 फीट तक पानी जमा होने की स्थिति बताई जा रही है। कई होटल और आवासीय भवनों में लोग फंसे हुए हैं।
SDRF की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकालने का काम कर रही हैं। अनेक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा चुका है, जबकि कुछ क्षेत्रों में राहत कार्य अभी भी जारी है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा अतिरिक्त सहायता और एयर सपोर्ट की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
सांसद गणेश सिंह ने मुख्यमंत्री से की चर्चा
चित्रकूट में बिगड़ते बाढ़ के हालात को लेकर सांसद गणेश सिंह ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से बातचीत की है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान को और तेज करने की आवश्यकता बताई।
सांसद ने NDRF की सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ हेलीकॉप्टर की व्यवस्था करने का आग्रह भी किया है। उनका कहना है कि बाढ़ के कारण कई दिशाओं से चित्रकूट का संपर्क प्रभावित हुआ है, ऐसे में जरूरतमंद लोगों तक राहत सामग्री और सहायता पहुंचाना प्राथमिकता है।
उन्होंने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। साथ ही लोगों से बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने और एक-दूसरे की मदद करने की अपील की गई है।
इन मार्गों पर आवाजाही रोकी गई
लगातार बारिश और जलभराव के चलते लोक निर्माण विभाग ने एहतियात के तौर पर कई सड़कों पर यातायात बंद कर दिया है। सुरक्षा के लिए विभिन्न स्थानों पर बैरिकेड और ड्रॉप गेट लगाए गए हैं।
प्रभावित मार्गों में प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- सतना-अटरा मार्ग
- धौरहरा रोड-खमरिया मार्ग
- पिंडरा-नकैला-बरौंदा-जवारिन मार्ग
- बहेरा-करौंदी-सुकवाह मार्ग
- जैतवारा-दगड़िया-सुहास मार्ग
- सभापुर से नयागांव मार्ग
- मझगवां-पटना-पहाड़ी खैरा मार्ग
- शाहपुर-राजापुर मार्ग
- नागौद-कचलोहा मार्ग
- टिकुटी-रिमारी-हरिहरपुर मार्ग
- दुरेहा-कपूरी मार्ग
- सतना-कोटर-अबेर-सेमरिया मार्ग
- पटना-महतैन-बरौंदा मार्ग
प्रशासन ने वाहन चालकों और आम नागरिकों से अपील की है कि बंद किए गए रास्तों पर जाने का प्रयास न करें और बारिश व बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करें।
प्रशासन अलर्ट, राहत कार्य जारी
चित्रकूट में हालात पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासनिक व आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
स्थिति को देखते हुए नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने और नदी-नालों व बाढ़ प्रभावित इलाकों से दूर रहने की अपील की गई है।
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