रांची |
छात्रों के आंदोलन को मिला विपक्ष का साथ, सरकार ने बातचीत की पहल की
छात्र संगठनों ने आगामी 7 और 10 अगस्त को विधानसभा घेराव करने का ऐलान किया है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच टकराव की स्थिति पैदा होने की आशंका जताई जा रही है।
बुधवार को आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे। इसी दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम भी वहां पहुंची और छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव रखा। हालांकि, छात्रों ने तत्काल कोई फैसला लेने के बजाय आपस में विचार-विमर्श करने के बाद सरकार के प्रस्ताव पर निर्णय लेने की बात कही।
भाजपा ने छात्रों के समर्थन में उठाई आवाज
छात्र आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी भाजपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति समर्थन जताया और उनकी मांगों को गंभीरता से लेने की अपील सरकार से की।
भाजपा ने कहा कि छात्रों की समस्याओं का जल्द समाधान होना चाहिए और सरकार को आंदोलन को लंबा खिंचने देने के बजाय बातचीत के माध्यम से रास्ता निकालना चाहिए।
आंदोलन के बीच सामने आया मतभेद
एक तरफ जहां छात्र आंदोलन लगातार मजबूत होता दिखाई दे रहा है, वहीं आंदोलन के अंदर भी मतभेद की खबरें सामने आई हैं। आंदोलन से जुड़े रामअवतार महतो ने कुछ लोगों पर आंदोलन को राजनीतिक दिशा देने का आरोप लगाया।
उन्होंने कोचिंग संचालक कुणाल और उनके सहयोगियों को लेकर भी कई आरोप लगाए। इनमें आंदोलन को प्रभावित करने, राजनीतिक स्तर पर आर्थिक सहयोग लेने और क्राउड फंडिंग के माध्यम से धन एकत्र करने जैसे आरोप शामिल हैं।
दूसरी ओर, कुणाल ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया और उल्टा रामअवतार महतो पर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। इस विवाद के बाद आंदोलन के नेतृत्व और रणनीति को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
झारखंड के अलावा अन्य राज्यों में भी छात्र आंदोलन
छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर देश के दूसरे राज्यों में भी प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। अलग-अलग स्थानों पर छात्र अपनी मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
पंजाब में पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन
पंजाब में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर युवा कांग्रेस और एबीवीपी से जुड़े छात्रों ने विधानसभा की ओर मार्च करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की भी जानकारी सामने आई।
प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
राजस्थान में स्कूल की सुविधाओं को लेकर छात्रों का विरोध
राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित सरकारी आनंदीलाल पोद्दार सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मूक-बधिर विद्यार्थियों ने स्कूल की मूलभूत सुविधाओं को लेकर विरोध दर्ज कराया।
विद्यार्थियों ने स्कूल में साफ-सफाई, शौचालय, पीने के पानी और भवन की खराब स्थिति जैसी समस्याओं को सामने रखा। विरोध के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल के प्रिंसिपल को पद से हटाने के साथ व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए।
आगे क्या होगा?
झारखंड में 7 और 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव को देखते हुए अब सभी की नजर छात्र संगठनों और सरकार के अगले कदम पर है। यदि बातचीत के जरिए छात्रों की मांगों पर सहमति बनती है तो आंदोलन को शांत किया जा सकता है। वहीं, समाधान नहीं निकलने की स्थिति में आंदोलन के और तेज होने की संभावना बनी हुई है।

