शहडोल। जिला मुख्यालय स्थित बिरसा मुंडा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय तक पहुंचने वाला मार्ग इन दिनों लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। लगातार हो रही बारिश और निर्माण कार्य के दौरान समुचित इंतजाम नहीं किए जाने से सड़क पर जगह-जगह कीचड़ जमा हो गया है। शुक्रवार को बदहाल रहे इस रास्ते की स्थिति शनिवार सुबह और भी गंभीर हो गई। हालात ऐसे हैं कि दोपहिया वाहनों के साथ-साथ चारपहिया गाड़ियों को भी निकलने में परेशानी हो रही है।
सड़क पर फैले दलदल के कारण कई वाहन बीच रास्ते में ही फंस गए। उन्हें बाहर निकालने के लिए वाहन चालकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी पर जाने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों को भी इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जिस मार्ग से प्रतिदिन मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों का आवागमन होता है, वही रास्ता अब परेशानी का कारण बन गया है।
मरीजों से लेकर एमबीबीएस विद्यार्थियों तक की बढ़ी परेशानी
मेडिकल कॉलेज पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए यह स्थिति किसी चुनौती से कम नहीं है। अस्पताल तक पहुंचने के लिए लोगों को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। वहीं, प्रतिदिन पैदल कॉलेज आने-जाने वाले एमबीबीएस विद्यार्थियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की खराब स्थिति के चलते उनकी यूनिफॉर्म तक गंदी हो रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, शुक्रवार से ही मार्ग पर आवागमन मुश्किल हो गया था, लेकिन शनिवार सुबह तक हालात में सुधार होने के बजाय स्थिति और बिगड़ गई। लगातार बारिश के बीच सड़क पर कीचड़ और दलदल बढ़ने से लोगों की परेशानी भी बढ़ती जा रही है।
सड़क पर राहत के लिए अस्थायी इंतजाम भी नहीं!
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मार्ग की स्थिति खराब होने के बावजूद अब तक राहत के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि पक्की सड़क का निर्माण या मरम्मत तत्काल संभव नहीं है, तो कम से कम अस्थायी व्यवस्था के तौर पर सूखी मिट्टी अथवा मुरम डलवाकर रास्ते को आवागमन के योग्य बनाया जा सकता है।
लोगों के अनुसार, थोड़ी सी तत्परता दिखाकर मरीजों, डॉक्टरों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को इस परेशानी से राहत दिलाई जा सकती है। इसके बावजूद सड़क की बदहाली बनी हुई है और हर दिन यहां से गुजरने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय युवक की कलेक्टर से अपील—एक बार खुद आकर देखिए हालात
सड़क की दुर्दशा को लेकर एक स्थानीय युवक ने जिला प्रशासन से मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने की अपील की है। उसका कहना है कि कलेक्टर साहब को एक बार इस मार्ग से गुजरकर देखना चाहिए, ताकि उन्हें वास्तविक परिस्थितियों का अंदाजा हो सके।
अब सवाल यह है कि मेडिकल कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण संस्थान तक पहुंचने वाले मार्ग की समस्या का समाधान कब होगा? स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने और सड़क पर अस्थायी राहत के इंतजाम कराने की मांग की है, ताकि मरीजों, चिकित्सकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का आवागमन सुचारु हो सके।

